लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग: सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी का असर, बलूनी की रणनीति सफल

 

लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग:
सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पैरवी का असर, बलूनी की रणनीति सफल

 

उत्तराखंड के लिए बहुप्रतीक्षित लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर लगी रोक हटना ऐतिहासिक क्षण है। Supreme Court of India द्वारा 11 जनवरी 2023 के स्थगन आदेश में संशोधन कर निजी वाहनों के लिए निर्माण को अनुमति देना सीधे तौर पर पहाड़ की जनता को राहत देने वाला निर्णय है। यह फैसला यूं ही नहीं आया—इसके पीछे पौड़ी लोकसभा सांसद अनिल बलूनी की सतत पहल, रणनीतिक प्रयास और मजबूत पैरवी रही।
राजाजी क्षेत्र से जुड़े इस संवेदनशील प्रोजेक्ट पर जब कार्य रुका, तब अनिल बलूनी ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार केंद्र और संबंधित पक्षों से संवाद बनाए रखा, तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखा और सर्वोच्च न्यायालय में इंटरवेंशन एप्लीकेशन दाखिल कर गढ़वाल की जनता की आवाज को मजबूती से प्रस्तुत किया। उनके दिशा-निर्देशन और सक्रिय प्रयासों का ही परिणाम है कि वर्षों से लंबित यह मार्ग अब निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगा।
यह सड़क कोटद्वार से हरिद्वार की दूरी लगभग 30 किलोमीटर कम करेगी और आसपास के 18 गांवों को सीधा लाभ देगी। व्यापार, पर्यटन, आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय रोजगार को इससे नई गति मिलेगी।
अनिल बलूनी ने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि यह केवल सड़क नहीं, बल्कि विकास का द्वार है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को बधाई दी और भरोसा दिलाया कि गढ़वाल के विकास के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा

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